back
CTIZAN AD

मैथिली बाल गजल

वि.सं.२०७७ जेठ ३१ शनिवार

894 

shares

हमर सुन्नर गाम छै
फरल ओतै आम छै

विपतिमे संसार यौ
प्रकृति जेना बाम छै

निकलि बाहर जाउ नै
बिमारी सब ठाम छै

सफा आ स्वस्थ्य रहब
तखन कोनो काम छै

जनककें सन्तान हम
जनकपुर सन धाम छै

अयोध्या छै घर जकर
तकर नाओ राम छै

कलम किनि दिअ ने लिखब
बहुत सस्ता दाम छै

बहरे हजज मुरब्बा अस्तर

कुन्दन कुमार कर्ण,राजविराज

वि.सं.२०७७ जेठ ३१ शनिवार १०:११ मा प्रकाशित

चारु

चारु

सीता शर्मा पन्थी, वीरगन्ज पर्सा चाँडोचाँडो रिसाउने छ ,निकै तिम्रो...

गजल

गजल

बिमला चन्द सानू बैतडी हाल : काठमाडौं बद्लिन्छ रूप रेखा...

गजल

गजल

एलपी पराजुली, काठमाडौँ मुस्कान तिम्रो गजब छ नानी बन्दै दिवानी...

गजल

गजल

रमा खतिवडा मैनशिखा, पोखरा  पिरोल्दै छ दिलभित्रको खतले म घायल...

सुसेली

सुसेली

सारिका बलामी ग्रीनहिल स्कुल दक्षिणकाली कक्षा ६ बन सुतली मेरी...

झिल्का कविताहरू

झिल्का कविताहरू

विकास क्षेत्री अञ्जान बिजनबारी बजार, भारत १ नेताले कसम खायो...