कुन्दन कुमार कर्ण
साँच बजलासँ मारल गेलियै
देश दुनियाँसँ बारल गेलियै
स्वार्थ जेना सफल भेलै जकर
तकरा लग तेना धारल गेलियै
ओकरा जीतकें छल लोलसा
ओकरे लेल हारल गेलियै
फूल फल आ हवा देलौं मुदा
जड़िसँ हमहीं उखारल गेलियै
नग्नकें बीच ’कुन्दन’ वस्त्रमे
दोषी देखा उघारल गेलियै
अर्कान : २१२२ – १२२ – २१२
वि.सं.२०८० पुस २१ शनिवार ०७:४० मा प्रकाशित






























