back
CTIZAN AD

चारु ( हिन्दी )

वि.सं.२०८३ असार ६ शनिवार

807 

shares

पी एस यादव ‘अजनबी’,भारत

गुनाह तो कर बैठे अब कोई सजा भी दे दो।
कट जाए वो पल ऐसा जीने का मजा भी दे दो।

हटती नहीं इन यादों से चाहतों की खुमारी,
मिल जाए सुकून वो महकती रजा भी दे दो।

चैन से तुम मगर हमको निशा सताती है,
हमारे मुस्कुराने की तुम कोई बजा भी दे दो।

कैसे खामखां हो नाराज ऐ मेरे हमसफर,
बहते हुए इन अश्कों को एक अजा भी दे दो।

हर पल में छुपे हुए बस तुम्हारे ही ख्वाब,
भूल जाएं अतीत भूलने की लजा भी दे दो।

जब मुजरिम हैं तो कोई फैसला भी सुनाओ,
गुनहगारियों से मुक्ति के लिए ध्वजा भी दे दो।

हैरत-ज़दा हूँ तुम्हारी अदाओं से ऐ सनम,
पास ना सही ठीक से मरने की कजा भी दे दो।

अक्षर सङ्ख्या : १७
अनुप्रास : अजा
शेष अनुप्रास : भी दे दो

वि.सं.२०८३ असार ६ शनिवार ०५:१७ मा प्रकाशित

‘चलचित्र उद्योग विश्वस्तरमा पुग्यो’- केपी पाठकले बर्बराउँदै सुनाए सपनाको कथा

‘चलचित्र उद्योग विश्वस्तरमा पुग्यो’- केपी पाठकले बर्बराउँदै सुनाए सपनाको कथा

वरिष्ठ चलचित्र निर्देशक केपी पाठकले चलचित्र क्षेत्रमा औधी तरक्की भएको...

सपनामा फर्किएको मान्छे

सपनामा फर्किएको मान्छे

आज बिहान उठ्दा मन अनौठो रूपमा भारी थियो । राति...

झिल्का कविता

झिल्का कविता

शिवहरि खनाल,धादिङ १) असार सकियो आज साउने संक्रान्ति आयाे हरियाली...

चारु

चारु

मेनुका शर्मा, सिक्किम , भारत मनभरि तिम्रै याद दिलाएको रहेछ,...

सुसेली : गुरु

सुसेली : गुरु

सिजल के.सी, ग्रीनहिल स्कुल, कक्षा ६ प्यारी गुरुमा शिक्षा दीक्षा...

गजल

गजल

बीके मुखिया,दार्जीलिङ हुन्छ यो देहको अन्त भर छैन एकदिन फूलझैँ...