तोरा बिना चान ताराक की मोल
रंगीन संसार साराक की मोल
अन्हारमे जे हमर संग नै भेल
दिन दूपहरिया सहाराक की मोल
चुप्पीक गम्भीरता बुझि चलल खेल
लग ओकरा छै इशाराक की मोल
संवेदना सोचमे छै जकर शुन्य
नोरक बहल कोन धाराक की मोल
अपने बना गेल हमरा जखन आन
कुन्दन कहू ई विचाराक की मोल
221-221-221-221
मैथली भाषाको गजल
वि.सं.२०७६ फागुन १७ शनिवार १०:०८ मा प्रकाशित






























